Human Rights – मानवाधिकार क्या है?

मानवाधिकार (What are Human Rights)

मानवाधिकार  की स्थापना 2 अक्टूबर 1993 में हुई। जिसके उद्देश्य नौकरशाही पर रोक लगाना, मानव अधिकारों के हनन को रोकना तथा लोक सेवक द्वारा उनका शोषण करने में अंकुश लगाना। मानवाधिकार की सुरक्षा के बिना सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक आज़ादी खोखली है मानवाधिकार की लड़ाई हम सभी की लड़ाई है। विश्वभर में नस्ल, धर्म, जाति के नाम मानव द्वारा मानव का शोषण हो रहा है। अत्याचार एवम जुल्म के पहाड़ तोड़े जा रहे हैं। हमारे देश में स्वतंत्रता के पश्चात् धर्म एवम जाति के नाम पर भारतवासियों को विभाजित करने का प्रयास किया जा रहा है। आदमी गौर हो या काला, हिन्दू हो या मुस्लमान, सिख हो या ईसाई, हिंदी बोले या कोई अन्य भाषा सभी केवल इंसान हैं और संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा घोषित मानवाधिकारों को प्राप्त करने का अधिकार है। मानव अधिकार का मतलब ऐसे हक़ जो हमारे जीवन और मान-सम्मान से जुड़े हैं। ये हक़ हमें जन्म से मिलते हैं, हम सब आज़ाद हैं। साफ़ सुथरे माहौल मैं रहना हमारा हक़ है । हमें इलाज़ की अच्छी सहूलियत मिले। हमें और हमारे बच्चों को पढाई-लिखाई की अच्छी सहूलियत मिले। पीने का पानी साफ मिले। जाति, धर्म, भाषा-बोली के कारण हमारे साथ भेदभाव न हो। हमें हक़ है की हम सम्मान के साथ रहें। कोई हमें अपना दस या गुलाम नहीं बना सके। प्रदेश में हम कहीं भी बेरोकटोक आना-जाना कर सकते हैं। हम बेरोकटोक बोल सकते हैं, लेकिन हमारे बोलने से किसी के मान-सम्मान को चोट नहीं पहुंचनी चाहिए। हमें आराम करने का अधिकार है। हमें यह तय करने का अधिकार है की हमारे बच्चे को किस तरह की शिक्षा मिले। हर बच्चे को जीने का अधिकार है, उसे अच्छी तरह की शिक्षा मिले। यदि हमें हमारा हक़ दिलाने मैं सरकारी महकमा हमारी मदद नहीं कर रहा है तो हम मानव अधिकार आयोग में शिकायत कर सकते हैं। आयोग में सीधे अर्जी देकर शिकायत कर सकते हैं।इसके लिए वकील की जरूरत नहीं है। शिकायत किसी भी भाषा या बोली में कर सकते हैं हिंदी में हो तो अच्छा है। शिकायत लिखने के लिए कैसे भी कागज़ का इस्तेमाल करें, स्टैम्प पेपर की कोई जरूरत नहीं होती। आयोग के दफ्तर में टेलीफोन नम्बर पर भी शिकायत दर्ज कर सकते हैं।

आपको यह जानकर खुशी होगी कि मानव अधिकार की टीम लगातार समाज से जुड़े महत्वपूर्ण कार्य कर रही है जिनमें से प्रमुख हैं-
1.    सभी गरीब बच्चों, महिला, बुजुर्ग व विक्लांग व्यक्तियों के लिऐ समान शिक्षा, मुफ्त  स्वास्थ्य जांच कैम्प लगाना और दवाईयां तथा उपकरण उपलब्ध कराना।
2.    सामाजिक बुराई के खिलाफ पहल करना और बुलंद आवाज उठाना तथा पीड़ितों  को बुराई से निज़ात दिलाना।
3.    बाल व बन्धुआ मजदूरी के अत्याचार से मुक्ति दिलाना।
4.    बच्चों, महिलाओं तथा बुजुर्गो की रक्षा के लिये काम करना।
5.    समाज के लिये योगदान करने वाली हस्तियों को समय-समय पर पुरूस्कृत करके  उनका सम्मान करना।
6.    समाज व हर वर्ग के लोगो के साथ मिलकर विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन करना।
7.    जनता तथा पुलिस के बीच में सहयोग का पुल बनाना तथा पीड़ितों को न्याय दिलाना।
8.    नए शिक्षा संस्थान, अस्पताल व अनाथ आश्रम खोलना और अन्य आश्रमों की देख-रेख करना।
9.    भ्रूण हत्या पर हर सम्भव रोक लगाना व उनके खिलाफ आवाज उठाना।
10.  हर वर्ग के कमज़ोर व्यक्ति को समाज में न्याय दिलाना।

हमारी समाज के हर व्यक्ति से अपील व प्रार्थना है कि-

आइये, हमारे साथ जुड़िये और समाज सेवा का हिस्सा बनिये। हम और हमारी टीम हर वक्त, हर समय आपकी सेवा में तत्पर है और हम सबके सहयोग के साथ काम करेगें। हमारा हर सम्भव प्रयास रहेगा कि हर वर्ग का व्यक्ति भय एवं भूख से मुक्त होकर सुख शांती और सम्मान से जी सके। यही मानव अधिकार है।

मानवाधिकार  क्या है:-

प्राकृतिक अधिकार जो मानव को जन्म लेते ही प्राप्त होता है उसे हम मानव अधिकार कहते है. दुसरे शब्दों में एसे अधिकार जो प्रतेक व्यक्ति को मानव होने के नाते प्राप्त होते है उसे हम मानव अधिकार कहते है. जैसे;

भोजन, वस्त्र, आवास आदि. मनवा अधिकार में आमलोगों को बेहतर और सुरक्षित जीवन के लिए कुछ मुलभुत अधिकार दिए गए है. पुलिसकर्मी आपने कर्तव्य के कर्म में प्रायः एसी गलतिय कर बैठते है जिससे लोगो के मानवाधिकार का हनन हो जाता                        
मानवाधिकार की जरुरत क्या है.
 १, शारीरिक स्वतंत्रता के लिए. २, गिरफ्तारी व अन्य वेवजह रोककर रखने के प्रविर्ती में मुक्ति के लिए. ३, मनुष्य के आत्म सम्मान को बचाकर रखने के लिए. ४,न्याय के रक्षा के         लिए. ५, मनुष्य के मौलिक अधिकारों को बचके रखने के लिए. ६,जीवन स्तर को उच्च बनाने के लिए.७,अधिकारों के अतिकर्मन को रोकने के लिए. ८,रास्ट्रीय एवं अंतराष्ट्रीय           गौरव एवं शांति बनाने के लिए, ९,मानव के सर्वागीण विकाश के लिए,

मानवाधिकार को बचाए रखने के लिए पुलिस को को क्या नहीं करना चाहिए?(To protect human right police personals  should not do)

गिरफ्तारी के समय 🙁at the time of arrest)
i.            अनावश्यक बल का प्रयोग नहीं करना चाहिए.
ii.            गिरफ्तारी के दौरान अभियुक्त तथा उसके परिवारजनों के साथ गली गलौज नहीं करना चाहिए.
iii.            मारपीट व अन्य अमन्नीय व्यवहार नहीं करना चाहिए.
iv.            गलत गिरफ्तारी नहीं करना चाहिए.
v.            अनावश्यक रोक कर नहीं रखना चाहिए.
vi.            गिरफ्तार व्यक्ति की प्रतिष्ठा को ठेस पहुचने का प्रयास नहीं करना चाहिए.
vii.            व्यक्तिगत फायदे के लिए गिरफ्तार व्यक्ति के विरुद्ध अनावश्यक करवाई नहीं करनी चाहिए.                        

तलाशी के समय 🙁While search)
i.            तलाशी के समय स्थान के मालिक या व्यक्ति के साथ दुर्व्यवहार  नहीं करना चैये.
ii.            सामान्य स्तिथियों में रात्रि कल में तलाशी नहीं लेना चाहिए.
iii.            किसी भी जगह अनधिकृत प्रवेश नहीं करना चाहिए.
iv.            महिला एवं बच्चो के साथ दुर्व्वाहर नहीं करना चाहिए.
v.            किसी भी संदिग्ध या वांछित वास्तु के आलावा उस जगह की अन्य वस्तुओ के साथ छेड़ छड या उठाने की कोसिस नहीं करना चाहिए.- जप्ती सूचि में दर्ज किये    वैगर सामग्रियों को नहीं उठाना चाहिए.

गिरफ्तारी एवं तलाशी के दौरान पुलिस को क्या क्या करना चाहिए(to protect human right police should do following while search and arrest)
गिरफ्तारी के दौरान:
i.            
गिरफ्तार किये गए व्यक्ति को गिरफ्तारी का कारन बताना चाहिए.
ii.            उसको जमानत सम्बन्धी सुचना देना चाहिए.
iii.            गिरफ्तारी के बाद अपराधी का डाक्टरी जाँच करना चाहिए.
iv.            २४ घंटे के अन्दर गिरफ्तार व्यक्ति को न्यायलय में पेश करना चाहिए.
v.            महिला, बच्चो, बीमार तथा वृद्ध व्यक्तियों का ध्यान रखना चाहिए.
vi.            गिरफ्तारी एवं विरोध के सम्बन्ध में अन्य कानूनी प्रावधानों का पालन करना चाहिये.
vii.            न्यायालयों द्वारा जरी दिशा निर्देशों का पालन करना चाहिए.
तलाशी के दौरान:
i.            कानूनी प्रावधानों का पालन करना चाहिए.
ii.            तलाशी के समय मकान  मालिक को तलाशी का कारण  बताना चाहिए.
iii.            जप्त किये गए सामानों की सही सही सूचि बनाकर उसकी एक प्रति मकान मालिक को देनी चाहिए.
iv.            घर या बंद स्थान की तलाशी के क्रम में किसी महिला की तलाशी महिला पुलिस या दूसरी महिला के द्वारा ही होनी चाहिए
v.            अन्य स्तिथि में महिला की शालीनता का पूर्ण ख्याल करना चाहिए.


रोजगार व्यवस्था करवाना व् क़ानूनी मद्त देना:- एक बार रोटी देकर किसी की भूख केवल एकबार मिटाई जा सकती है इस लिए संगठन मानव कल्याण हेतु सभी को रोजगार उपलब्ध करवाना हमारा मकसद है ताकि व्यक्ति किसी की मद्त का मोहताज ना हो वह सक्षम हो खुद की मद्त करने में ओर कानून की जानकारी हर व्यक्ति को हो इसके लिए संगठन समय समय पर कैडर कैम्प लगाता है लोगों को कानून के प्रति जागरूक करने के लिए व् समय समय पर प्रतिभाओं को निखारने के लिए युवाओ को खेल जगत, मिडिया जगत,शिक्षा एवं टेक्नोलॉजी इत्यादि विभागों में मंच उपलब्ध करवाता है व् संगठन के द्वारा समय समय पर नशा मुक्ति अभियान चलाया जाता है जिस से मानव जाति को नशे से दूर रखा जा सके इसलिए लिए मेडिकल चेकप कैम्प भी लगाये जाते है लोगों को फ्री मेडिकल चेकप की सुविधा दी जाती है व् बहूत कम कीमतों पर बड़ी से बड़ी बीमारी की दवाइयां व् इलाज उपलब्ध करवाया जाता है संगठन लोगों को् देश भक्ति की भावना को बढ़ावा देने के लिए युवाओं को प्रेरित भी करता है

क्या नहीं करना चाहिए;(to protect human right police should avoid following while search and arrest)
i.           आम आदमी के साथ अभद्रता का व्यवहार नहीं करना चाहिए.
ii.            गिरफ्तारी के समय अनावश्यक बल प्रयोग नहीं करना चाहिए.
iii.            गिरफ्तारी के समय आपराधि एवं उसके परिवार के लोगो के साथ गली गलौज नहीं करना चाहिए.
iv.            गलत आदमी को गिरफ्तार नहीं करना चाहिए..
v.            गिरफ्तार व्यक्ति का प्रतिष्ठा का ठेस नहीं पहुचना चाहिए.
vi.            व्यक्तिगत दुश्मनी या किसी स्वार्थ की पूर्ति के लिए किसी को गिरफ्तार नहीं करना चाहिए.
vii.            पद या वर्दी का दुरूपयोग नहीं करना चाहिए.
viii.            सामान्य स्तिथि में रात्रि कल में तलाशी नहीं लेना चाहिए.
ix.            किसी जगह में अनाधिकार  प्रवेश नहीं करना चाहिए.
x.             किसी व्यक्ति को लाकअप  में हथकड़ी नहीं लगनी चाहिये.